किशनगंज जिले से 40 किलोमीटर दूर ठाकुरगंज प्रखंड के दूधोंटी पंचायत में एक सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में नदी के किनारे बसा है प्राथमिक विद्यालय सुहागी। वैसे तो यह विद्यालय वर्ष 2007 से चल रहा था परंतु वर्ष 2014 में शिक्षिका कुमारी निधि के आने के बाद इस विद्यालय को एक रूप मिला। और विद्यालय को भूमि और भवन दोनों ही मिला। आज पांच कमरों का सुसज्जित भवन इस विद्यालय के पास है। इतना ही नहीं हर कमरा आकर्षक बना हुआ है। विद्यालय के कमरों को पिंक कमरे का रूप दिया गया है। कक्षा एक के कक्ष को बाला कक्ष का रूप दिया गया है। तो कक्षा दो को आनंद दाई कक्ष के रूप में सजाया गया है। वहीं कक्षा तीन के वर्ग कक्ष को प्रिंट रिच वाला कक्ष बनाया गया है। और इतना ही नहीं इस विद्यालय में पुस्तकालय भी है। बाल रसोई घर जो बहुत ही सुंदर लगता है।विद्यालय में बालक और बालिकाओं के लिए आठ अलग-अलग शौचालय हैं पीने के लिए शुद्ध पेयजल और हाथ धोने के लिए बेहतर सुंदर वाश बेसिन है।
विद्यालय में पांच शिक्षक कार्यरत हैं। और एक तालीमी मरकज कार्यरत है। शिक्षिका कुमारी निधि जो हिंदी विषय से स्नात्तकोत्तर है। शिक्षक प्रदीप्त दत्त जिन्होंने केमिस्ट्री से ऑनर्स किया है। शिक्षक पवन कुमार पासवान जिन्होंने इतिहास विषय से स्नातक किया है। शिक्षक एकलाख आलम जिन्होंने उर्दू विषय से स्नातक किया है। और शिक्षक साबिर आलम जो स्नातक उत्तीर्ण है।विद्यालय के सभी शिक्षक प्रशिक्षित है।
विद्यालय के सभी कक्षाओं में रूटिंग के अनुसार कक्षाएं ली जाती हैं। इतना ही नहीं समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। कक्षा एक के बच्चे भी नृत्य कला में निपुण है। विद्यालय के एक कोने में निपुण में बाल मंच गुण भी बनाया गया है। और इस निपुण बाल मंच कोने में बच्चे अपनी मन की करते हैं अपने मन से पेंटिंग्स कविताएं कहानियां इत्यादि लिखकर लाते हैं और यहां प्रस्तुत करते हैं, हस्त निर्मित वस्तुएं बनाते हैं और यहां प्रदर्शित करते हैं। यह विद्यालय केवल एक ही वार्ड में बसा है और इस एक वार्ड से 107 बच्चे इस विद्यालय में नामांकित है विद्यालय के बच्चों के क्षेत्र स्टार की बात की जाए तो कक्षा 1, 2 एवं 3 के बच्चे निपुण लक्ष्य को प्राप्त कर चुके हैं जिसकी पुष्टि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ठाकुरगंज के द्वारा की गई है। और निपुण बच्चों को बैज से सम्मानित भी किया गया है।
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